बिजनौर के नजीबाबाद के मेन बाजार में दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। जब दुकानदारों ने आपस में चर्चा कर अपने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। सीसीटीवी कैमरों में जो तस्वीरें सामने आईं, उसने सभी को चौंका दिया।

यूपी के बिजनौर जिले के नजीबाबाद मेन बाजार में हो रही लगातार चोरियों ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी थी। दुकानों से सामान गायब होने की घटनाएं बढ़ती जा रही थीं लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। जब दुकानदारों ने आपस में चर्चा कर अपने प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, तब जाकर चोरी की इन घटनाओं का सनसनीखेज खुलासा हुआ।
सीसीटीवी कैमरों में जो तस्वीरें सामने आईं, उसने सभी को चौंका दिया। फुटेज में बुर्का पहनी 3 महिलाएं एक बच्चे के साथ दुकानों में आती-जाती नजर आईं। देखने में सामान्य ग्राहक लगने वाली ये महिलाएं दरअसल एक शातिर चोरी गैंग का हिस्सा थीं, जो बेहद चालाकी से वारदात को अंजाम दे रही थीं।
यूं सामान पर हाथ साफ करती थीं महिलाएं
जांच में सामने आया कि ये महिलाएं पहले किसी दुकान पर सामान खरीदने के बहाने प्रवेश करती थीं। एक या दो महिलाएं दुकानदार से बातचीत में उसे उलझा लेती थीं, जबकि उनके साथ आया बच्चा मौका पाकर दुकान के अंदर या पीछे की ओर चला जाता था। इसी दौरान बच्चा बैग, बर्तन या अन्य कीमती सामान उठाकर बाहर निकल जाता था। कुछ देर बाद दुकानदार का ध्यान भटकाने वाली महिलाएं भी बिना कुछ खरीदे वहां से चली जाती थीं।
बैग लेकर फरार हुआ बच्चा, CCTV में कैद
जब तक दुकानदार को चोरी का आभास होता, तब तक यह गैंग काफी दूर निकल चुका होता था। इसी तरह की एक वारदात नजीबाबाद की पुष्पांजलि इंटरप्राइजेज में भी हुई, जहां सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा गया कि महिलाएं दुकानदार से सामान दिखाने को कहती हैं और इसी बीच बच्चा चुपचाप एक बैग लेकर फरार हो जाता है।
इस पूरे मामले से स्थानीय व्यापारियों में गुस्सा और डर दोनों है। दुकानदारों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बाजार की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित व्यापारियों ने पुलिस से इस गैंग को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
2 अलग-अलग ग्रुप में घूमती हैं महिलाएं
मामले को लेकर एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने फोन पर बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता है। महिलाएं बाजार में दो अलग-अलग समूहों में घूमती हैं। एक समूह में दो महिलाएं और दूसरे में एक महिला व बच्ची शामिल होती है। चोरी के वक्त ये सभी एक साथ हो जाती हैं और वारदात के बाद फिर अलग-अलग हो जाती हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो जाता है।





