सांप-बिच्छू गैंग के 41 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 36 महिलाएं भी शामिल हैं। यह गैंग 11 जिलों में फैला हुआ है। पूछताछ के आधार पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

यूपी की गोरखपुर पुलिस ने सांप बिच्छू गैंग के मुख्य आरोपी और 36 महिलाओं सहित 41 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग की महिलाएं यूपी के अलग-अलग जिलों में बस और ऑटो में टुकड़ी गैंग बनाकर महिलाओं और लड़कियों को शिकार बनाती थीं। वे पलक झपकते ही उनकी चेन, जेवरात और बैग पर हाथ साफ कर फरार हो जाती थी। इनका नेटवर्क 11 जिलों में फैला है। पुलिस उनके नेटवर्क की तलाश कर रही है।
यूपी के गोरखपुर में कैंट और रामगढ़ताल पुलिस पुलिस ने सांप, बिच्छू और छिपकली के जरिए चेन स्नैचिंग करने वाले गैंग का खुलासा किया है। इस गैंग में 36 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। एक बालअपचारी को भी गिरफ्तार किया गया है। सात को कैंट पुलिस और 33 महिलाओं और 1 बालपचारी को रामगढ़ताल पुलिस ने कस्टडी में लिया है।
कैसे करते थे लूट?
महिलाएं सवारी बनकर ऑटो और बस में चढ़ती थीं। मौका मिलते ही अकेली महिलाओं पर नकली सांप-छिपकली फेंक देती थीं। डर के मारे महिला जैसे ही चिल्लाती, पलक झपकते ही उसकी चेन पार कर देती थीं। कई बार तो सेफ्टी पिन चुभोकर चेन खींच लेती थीं। पुलिस को लगातार चेन स्नैचिंग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एक जनवरी को पुलिस ने गैंग के सरगना विष्णु को गिरफ्तार किया। सख्ती से पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसके बाद एक-एक कर 36 महिलाओं और 4 पुरुषों को पकड़ा गया।
11 जिलों की महिलाएं शामिल
गैंग में जौनपुर, बलिया, सिद्धार्थनगर समेत यूपी के 11 जिलों की महिलाएं शामिल हैं। ज्यादातर महिलाएं साड़ी पहनती थीं। उनकी उम्र 20 से 50 साल के बीच है। सामान्य हुलिया होने की वजह से कोई भी उन पर शक नहीं करता था। गैंग का तरीका सुनकर पुलिस अफसर भी हैरान रह गए। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों की जानकारी जुटा रही है। ये महिलाएं तीन तरीकों से चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देती थीं।
- पहला तरीका वे नकली सांप-छिपकली फेंककर लूट की घटना को अंजाम देती थीं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह शहर और आसपास के जिलों के धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर सक्रिय था। ये लोग भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे, जो कीमती गहने पहने होते और अकेले सफर कर रहे होते थे। जैसे ही यात्री ऑटो या बस में चढ़ता, आरोपी भी उसी वाहन में सवार हो जाते थे। चारों तरफ से घेरकर बैठते और चलती बस या ऑटो में उस पर नकली छिपकली, बिच्छू या सांप फेंक देते थे। घबराहट के बीच ही उसकी चेन पार कर देते थे।
- दूसरा तरीका बुजुर्ग महिलाओं को झांसे में लेकर लूट की वारदात को अंजाम देती थीं। महिलाएं चार से पांच के समूह में रहती थीं। भीड़-भाड़ वाले इलाके में पहले बुजुर्ग महिलाओं को टारगेट करती थीं। उनसे बातों में उलझाकर या गंतव्य तक छोड़ने का झांसा देकर अपनी गाड़ी में बैठा लेती थीं। इसके बाद नकली सांप या छिपकली दिखाकर डर पैदा करती थीं। घबराई महिला से गहने उतरवा लिए जाते थे और मौके से फरार हो जाती थीं।
- तीसरे हथकंडा में गैंग की महिलाएं सेफ्टी पिन या नुकीली चीज से ध्यान भटका देती थी। कई बार महिलाएं ऑटो में सामान्य सवारी बनकर बैठती थीं। बीच रास्ते में सेफ्टी पिन, छोटे चाकू या कैंची जैसी नुकीली चीज चुभा देती थीं। जैसे ही महिला का ध्यान भटकता, उसी पल उसके गले की चेन खींच लेती थीं।
आरोपियों के पास मिले नकली सांप-बिच्छू
पुलिस ने आरोपियों के गिरफ्तार किया और उनके पास से सेफ्टी पिन, छोटे चाकू, कैंची, प्लास्टिक की रस्सी, नकली सांप-छिपकली और एक कार बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का तरीका इतना शातिर था कि पीड़ित को समझने का मौका तक नहीं मिलता था। सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। आगे भी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है।
पुलिस ने क्या बताया?
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि नए वर्ष पर सूचना मिली थी की कुछ लोग यहां पर आए हुए हैं टप्पे बाजी और चैन स्नेचिंग की घटना को अंजाम दे सकते हैं भीड़ भाड़ के वजह से पुलिस फोर्स लगाई गई थी। रामगढ़ ताल और कैंट पुलिस सक्रिय हुई जिसमें 41 लोगों को गिरफ्तार किया उनको न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।





