बलिया में एक युवती ने पड़ोसी जिले गाजीपुर के युवक पर जबरदस्ती मांग में सिंदूर भरने और फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर डालने का आरोप लगाया है। केस दर्ज कर भीमपुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने डिजिटल दौर में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवती का ‘रॉन्ग नंबर’ डायल करना उसकी जिंदगी में तूफान का सबब बन गया है। आरोपी युवक पर युवती की जबरन मांग भरने, उसे धमकाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेकर अश्लील या आपत्तिजनक फोटो वायरल करने का गंभीर आरोप लगा है। भीमपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित युवती के अनुसार, कुछ समय पहले उसके फोन से अनजाने में एक ‘रॉन्ग नंबर’ डायल हो गया था। फोन दूसरी तरफ गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र स्थित केरवना निवासी श्रवण कुमार पासवान ने उठाया। उस दिन दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन श्रवण ने उस नंबर को अपनी सनक का जरिया बना लिया। युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसे बहाने से मऊ जिले के रतनपुरा बुलाया। वहां पहुंचते ही युवक ने जबरन उसकी मांग में सिंदूर भर दिया। उसने युवती के साथ कुछ तस्वीरें भी खींच लीं। विरोध पर अभद्रता की।
AI तकनीक का इस्तेमाल कर फोटो वायरल
घटना यहीं नहीं रुकी। युवती का आरोप है कि श्रवण अब उन तस्वीरों को AI के जरिए एडिट कर रहा है। उसने एडिट की गई इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी डाल दिया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन करके उसे लगातार जान से मारने और समाज में और अधिक बदनाम करने की धमकी दे रहा है।
घर पहुंचकर गाली-गलौज और धमकी
युवती ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आरोपी श्रवण कुमार पासवान की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि वह कुछ दिन पहले उसके घर तक पहुंच गया। वहां उसने सरेराह युवती और उसके परिजनों के साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। लोक-लाज के डर और आरोपी के खौफ से परेशान होकर अंततः पीड़िता ने कानून का दरवाजा खटखटाया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
भीमपुरा पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। साथ ही, साइबर सेल की मदद से उन सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच की जा रही है, जिनके माध्यम से पीड़िता को बदनाम किया जा रहा है।





