अजंता–एलोरा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 में भारतीय सिनेमा के संगीत सम्राट इलैयाराजा को मिलेगा प्रतिष्ठित पद्मपाणि पुरस्कार

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अजंता–एलोरा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 में भारतीय सिनेमा के संगीत सम्राट इलैयाराजा को मिलेगा प्रतिष्ठित पद्मपाणि पुरस्कार

अजंता–एलोरा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (AIFF) के 11वें संस्करण में भारतीय सिनेमा और संगीत जगत की एक महान शख्सियत को सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष AIFF का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान पद्मपाणि पुरस्कार दिग्गज संगीतकार और पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद श्री इलैयाराजा को प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान भारतीय फिल्म संगीत को नई दिशा और आत्मा देने के उनके अतुलनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।

28 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक होगा महोत्सव

Ajanta-Ellora International Film Festival का आयोजन 28 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) में किया जाएगा। इस वैश्विक फिल्म समारोह में देश-विदेश के सिनेमा प्रेमी, कलाकार और विशेषज्ञ शामिल होंगे।

चयन समिति ने सर्वसम्मति से लिया फैसला

इस सम्मान की घोषणा AIFF आयोजन समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर कागलीवाल, मुख्य मेंटर अंकुशराव कदम और मानद अध्यक्ष अशुतोष गोवारिकर ने की। पद्मपाणि पुरस्कार चयन समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ फिल्म समीक्षक लतिका पादगांवकर ने की, जबकि समिति में अशुतोष गोवारिकर, सुनील सुकठणकर और चंद्रकांत कुलकर्णी भी शामिल रहे।

पुरस्कार में मिलेगा सम्मान पत्र और नकद राशि

पद्मपाणि पुरस्कार के अंतर्गत पद्मपाणि स्मृति चिह्न, सम्मान पत्र और 2 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। यह पुरस्कार बुधवार, 28 जनवरी 2026 को शाम 5:30 बजे MGM कैंपस स्थित रुक्मिणी ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान दिया जाएगा। इसके बाद फिल्म स्क्रीनिंग और अन्य कार्यक्रम PVR INOX, प्रोज़ोन मॉल में आयोजित होंगे।

पांच दशकों से अधिक का स्वर्णिम संगीत सफर

पांच दशकों से अधिक के करियर में इलैयाराजा ने 7,000 से अधिक गीत और 1,500 से ज्यादा फिल्मों के लिए संगीत एवं बैकग्राउंड स्कोर तैयार किए हैं। तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है।

भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत को पश्चिमी सिम्फनी के साथ अद्भुत ढंग से पिरोने वाले इलैयाराजा की रचनाएं आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती हैं। उनकी आध्यात्मिकता, तकनीकी अनुशासन और मानवीय संवेदनशीलता के कारण उन्हें दुनिया भर में ‘इसैज्ञानि’ (संगीत ऋषि) के नाम से जाना जाता है।

राज्यसभा सदस्य भी हैं इलैयाराजा

संगीत के साथ-साथ इलैयाराजा सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय हैं। उन्हें राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा का नामित सदस्य बनाया गया है, जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

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