मुंबई BMC चुनाव में डिजिटल जंग तेज़, सड़कों से मोबाइल स्क्रीन तक पहुंची मुंबई की राजनीति, सुपरहीरो स्टाइल कैंपेन के दम पर बीजेपी ने बनाई बढ़त

3Views
मुंबई BMC चुनाव में डिजिटल जंग तेज़, सड़कों से मोबाइल स्क्रीन तक पहुंची मुंबई की राजनीति, सुपरहीरो स्टाइल कैंपेन के दम पर बीजेपी ने बनाई बढ़त

मुंबई में होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव इस बार पूरी तरह बदले हुए स्वरूप में दिखाई दे रहे हैं। यह चुनाव अब केवल सड़कों, पोस्टरों और जनसभाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक बड़ी राजनीतिक जंग में तब्दील हो चुका है। इस डिजिटल मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी अपने विरोधियों के मुकाबले स्पष्ट बढ़त बनाती हुई नजर आ रही है।

227 वार्डों वाली बृहन्मुंबई नगर निगम की इस अहम लड़ाई में बीजेपी ने प्रचार के पारंपरिक तरीकों से हटकर आधुनिक और तकनीक-आधारित रणनीति अपनाई है। पार्टी का फोकस खासतौर पर युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं पर है, जो सोशल मीडिया के ज़रिये राजनीति से जुड़ रहे हैं।

डिजिटल कैंपेन में ‘मार्वल स्टाइल’ का तड़का

बीजेपी ने अपने प्रचार अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किए गए वीडियो, सुपरहीरो थीम और तेज़ रफ्तार विज़ुअल्स का इस्तेमाल किया है। इन वीडियो में विकास, भविष्य और शहर के बदलते स्वरूप को ऐसे अंदाज़ में पेश किया गया है, जो सोशल मीडिया यूज़र्स को तुरंत आकर्षित करता है।
इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और व्हाट्सएप स्टेटस पर यह कंटेंट तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे पार्टी की पहुंच हर उम्र के लोगों तक बन रही है।

युवाओं पर सीधा असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 18 से 30 वर्ष की उम्र के मतदाता आज लंबी रैलियों और भाषणों की बजाय छोटे, प्रभावशाली और विज़ुअल कंटेंट को ज़्यादा पसंद करते हैं। बीजेपी की डिजिटल रणनीति इसी सोच पर आधारित दिखाई देती है। पार्टी का नारा, विज़ुअल पहचान और ऑनलाइन मौजूदगी एक स्पष्ट संदेश देती है—मुंबई को आगे बढ़ाने की बात।

विपक्ष की चुनौती

वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दल अभी भी बड़े पैमाने पर पारंपरिक प्रचार तरीकों पर निर्भर नजर आ रहे हैं। उनकी सोशल मीडिया मौजूदगी सीमित होने के कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनका प्रभाव उतना मजबूत नहीं दिख रहा। यही वजह है कि युवाओं के बीच उनका संदेश उतनी तेजी से नहीं पहुंच पा रहा।

राजनीति में बदला खेल

अब चुनाव केवल घोषणापत्र या वादों तक सीमित नहीं रह गए हैं। यह एक कहानी गढ़ने की लड़ाई बन चुके हैं, जहां वही पार्टी आगे निकलती है जो जनता का ध्यान ज्यादा देर तक अपने साथ बनाए रखे। मुंबई का BMC चुनाव इसका ताज़ा उदाहरण है, जहां सियासत सड़कों से निकलकर मोबाइल स्क्रीन पर लड़ी जा रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या डिजिटल बढ़त ज़मीनी वोटों में बदल पाती है या विपक्ष आख़िरी समय में अपनी रणनीति बदलकर मुकाबले को बराबरी पर ला पाता है।

Leave a Reply