वृंदावन की श्री कृष्ण शरणम् आवासीय सोसायटी में 10-11 जनवरी 2026 की रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया. छटीकरा मार्ग स्थित गोविंदा ब्लॉक के फ्लैट नंबर 212 में शार्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई. यह फ्लैट पूज्य संत प्रेमानंद महाराज का बताया जा रहा है, हालांकि वे उस समय वहां मौजूद नहीं थे. आग से फ्लैट का काफी सामान जल गया, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई.

वृंदावन, जो कि धर्मनगरी के नाम से मशहूर है, वहां 10-11 जनवरी 2026 की रात एक ऐसी घटना हुई जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. यह घटना छटीकरा मार्ग पर स्थित श्री कृष्ण शरणम् आवासीय सोसायटी में हुई, जहां पूज्य संत प्रेमानंद महाराज का फ्लैट है. फ्लैट का नंबर 212 (गोविंदा ब्लॉक) है. शनिवार देर रात अचानक इस फ्लैट में शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि प्लास्टिक और अन्य चीजें जलने की तेज बदबू चारों तरफ फैल गई.
पड़ोसियों को सबसे पहले इसकी भनक लगी. जैसे ही बदबू आई, लोगों ने देखा तो अंदर से धुआं और लपटें उठ रही थी. इस देखते ही पूरी सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई. लोग घबराकर अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए, बच्चे-बूढ़े सब डर के मारे चिल्लाने लगे. अच्छी बात यह रही कि उस समय फ्लैट में प्रेमानंद महाराज खुद नहीं थे. वे पिछले एक महीने से ज्यादा समय से राधा केली कुंज आश्रम में रह रहे हैं.
नहीं हुआ किसी तरह का नुकसान
फ्लैट में केवल उनके एक सेवक (शिष्य) मौजूद थे, जो समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए. इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. दमकल विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया. लेकिन फ्लैट के अंदर रखा सामान काफी हद तक जलकर खराब हो गया. नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है.
सेवादारों ने की अभद्रता
आग लगने की खबर फैलते ही राधा केली कुंज आश्रम से प्रेमानंद महाराज के भारी संख्या में शिष्य (सेवादार) मौके पर पहुंच गए. उन्होंने फ्लैट को चारों तरफ से घेर लिया और किसी को भी अंदर जाने या पास आने नहीं दिया. यहां तक कि मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी जैसे सीओ सदर प्रीतमपाल सिंह और कोतवाली प्रभारी संजय पांडे को भी जानकारी लेने से रोका गया. आरोप है कि शिष्यों ने पुलिस वालों के साथ भी अभद्रता की और काफी उलझन पैदा की.
कांग्रेस नेता से की शिष्यों ने छीना-झपटी
इतना ही नहीं, घटना की खबर कवर करने आए मीडिया कर्मियों (पत्रकारों) के साथ भी शिष्यों ने बदसलूकी की. कई लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए गए, छीना-झपटी के दौरान कांग्रेस नेता और पूर्व सभासद तुलसी स्वामी का मोबाइल फोन जमीन पर गिरकर पूरी तरह टूट गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ. बाद में पुलिस के सख्त हस्तक्षेप के बाद फोन वापस मिले. शिष्यों का यह व्यवहार देखकर सोसायटी के बाकी रहने वाले लोगों में बहुत गुस्सा और रोष फैल गया है. वे कह रहे हैं कि आग कैसे लगी, इसकी सही वजह क्या है, यह तो पता नहीं चला, लेकिन शिष्यों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और पूरी जांच शुरू कर दी है. रिपोर्ट तैयार की जा रही है ताकि साफ हो सके कि आग की असली वजह क्या थी और आगे क्या कार्रवाई होनी चाहिए.





