रांची से सामने आई एक तस्वीर और वीडियो ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. पेट्रोल पंप की तेज रोशनी में बैठकर किताबों में डूबा एक 4 साल का मासूम बच्चा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बच्चे का नाम अलेक्स है, जो बेहद साधारण हालातों में रहते हुए भी बड़े सपने देख रहा है.

झारखंड की राजधानी रांची से सामने आई एक वीडियो ने हजारों लोगों का दिल छू लिया है. यह वीडियो किसी आलीशान लाइब्रेरी की नहीं, बल्कि एक पेट्रोल पंप की है, जहां एक छोटा सा बच्चा किताब खोलकर तन्मयता से पढ़ाई करता नजर आता है. इस बच्चे का नाम है एलेक्स मुंडा, जिसकी आंखों में हालात से बड़ी उम्मीदें और सपनों से भरा भविष्य झलकता है.
इस वायरल वीडियो ने न सिर्फ लोगों को इमोशनल किया, बल्कि प्रशासन को भी हरकत में ला दिया. अलेक्स का सपना बड़ा होकर कलेक्टर बनने का है और इसी जज्बे ने सबका दिल जीत लिया.
पेट्रोल पंप की लाइट में पढ़ता है बच्चा
लोकल 18 के मुताबिक, एलेक्स की मां पुनीता उसी पेट्रोल पंप पर काम करती है. चार साल पहले उनके पति का निधन हो गया था. एलेक्स ने अपने पिता को कभी देखा तक नहीं. घर की जिम्मेदारी पूरी तरह पुनीता के कंधों पर है. खपड़े के छोटे से घर में न बिजली है, न पढ़ने के लिए कोई अलग कमरा. ऐसे में पेट्रोल पंप की तेज रोशनी ही एलेक्स की पढ़ाई का सहारा बन गई.X
वीडियो ने बदली किस्मत
रांची के सुकुरहुत्तु इलाके में स्थित चौधरी फ्यूल पेट्रोल पंप पर पढ़ते एलेक्स को किसी राहगीर ने देखा और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो मुख्यमंत्री तक पहुंचा, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया. रांची के डीसी ने मामले का संज्ञान लिया और एलेक्स की मदद के लिए सरकारी फंड से हर महीने आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया.
कलेक्टर बनने का सपना
एलेक्स का सपना है बड़ा होकर कलेक्टर बनना. वह कहता है कि जिस तरह प्रशासन ने उसकी मदद की, वैसे ही वह भी आगे चलकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों का सहारा बनना चाहता है. यूपीएससी की परीक्षा देकर डीसी बनने का उसका लक्ष्य साफ है.
उम्मीद की नई किरण
पुनीता कहती हैं कि उनके पास संपत्ति के नाम पर सिर्फ बेटा है. रिश्तेदार साथ छोड़ चुके हैं, लेकिन बेटे की पढ़ाई के लिए उनका हौसला कभी कमजोर नहीं पड़ा. अब सरकार से मिलने वाली मदद से एलेक्स की पढ़ाई को नई दिशा मिलेगी. पेट्रोल पंप की रोशनी में पढ़ने वाला यह बच्चा आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है.





