सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कृष’ फिल्म का गाना गाते झारखंड के जमशेदपुर निवासी पिंटू प्रसाद जमकर वायरल हो रहा है. ‘किरीस का गाना सुनेगा… दिल न दिया, ले बेटा!’ कहने वाला यह मासूम लड़का अब Viral Dhoom Boy के नाम से पहचाना जा रहा है. बिना मोबाइल और किसी सुविधा के, पिंटू के अनोखे अंदाज और कॉन्फिडेंस ने लोगों का दिल जीत लिया. लेकिन इस वायरल हंसी के पीछे एक दर्दभरी कहानी छुपी है, जहां अनाथ होकर भी पिंटू ने जिंदगी से हार नहीं मानी.

आजकल सोशल मीडिया पर अगर आप स्क्रॉल करेंगे, तो हर जगह एक ही लाइन गूंज रही है- ‘किरीस का गाना सुनेगा… दिल ना दिया, ले बेटा!.’ ऋतिक रोशन की सुपरहिट फिल्म ‘कृष’ का यह पुराना गाना अचानक फिर से ट्रेंड कर रहा है. लेकिन इसके पीछे कोई बड़ा स्टार या प्रमोशन नहीं, बल्कि झारखंड के जमशेदपुर का एक साधारण लड़का है, जिसे लोग प्यार से ‘वायरल बॉय धूम’ या ‘धूम’ कह रहे हैं. उसका असली नाम पिंटू प्रसाद है. एक छोटे से वीडियो ने उसे रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बना दिया.
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वीडियो में पिंटू बड़े जोश और कॉन्फिडेंस के साथ लोगों से पूछता है ‘किरीस का गाना सुनेगा?” और फिर अपना वर्जन गाता है: ‘दिल ना दिया… ले बेटा’ उसकी मासूमियत, भोलापन और अनोखा स्टाइल देखकर कोई भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सकता. उसके पास न मोबाइल है, न कोई बड़ा सेटअप, फिर भी उसका कॉन्फिडेंस कमाल का है. यह वीडियो इतना वायरल हुआ कि लाखों लोगों ने इस पर रील्स, मीम्स और शॉर्ट्स बनाए. इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक सब जगह छा गया.
हंसी के पीछे छुपा है गहरा दर्द
पिंटू की मुस्कुराहट और मस्ती देखकर लगता है कि वह बहुत खुश है, लेकिन उसकी जिंदगी की सच्चाई सुनकर दिल दुखी हो जाता है. पिंटू प्रसाद की उम्र करीब 32 साल है, हालांकि चेहरे की मासूमियत की वजह से वह काफी छोटा लगता है. बचपन में ही उसकी मां उसे और पिता को छोड़कर चली गई फिर पिता ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन सौतेली मां ने पिंटू को अपनाने से इनकार कर दिया. कुछ समय बाद पिता का भी निधन हो गया और पिंटू पूरी तरह अनाथ हो गया. सौतेली मां ने भी उसे त्याग दिया अब उसके पास सिर्फ चाचा-चाची हैं, जो कभी-कभी हालचाल पूछ लेते हैं.
कभी बर्तन धोएं तो कभी उठाया शव
पिंटू ने कभी हार नहीं मानी वह कचरा बीनता है, दुकानों पर छोटे-मोटे काम करता है, शादियों में बर्तन धोता है या मजदूरी करता है. कभी-कभी मरे जानवरों को उठाने जैसे कठिन काम भी करता है. उसके पास न घर है, न स्थायी कमाई. फिर भी वह खुश रहना जानता है. छोटी-छोटी बातों में खुशी ढूंढ लेता है. सुर-ताल की उसे ज्यादा समझ नहीं, लेकिन उसकी आवाज में जिंदगी जीने का जज्बा है, जो लोगों को छू गया. वहीं पिंटू को लेकर खबर आई थी कि उनका निधन हो गया है. जिसके बाद कई लोगों की प्रतिक्रिया आईं. लेकिन फिर इन अफवाहों पर विराम लग गया जब बताया गया कि वह ज़िंदा है बिल्कुल ठीक है.
वायरल होने के बाद क्या बदला?
यह वीडियो वायरल होने के बाद पिंटू की जिंदगी में कुछ अच्छे बदलाव आए हैं. जमशेदपुर की एक रिहैबिलिटेशन संस्था ‘अस्तित्व फाउंडेशन’ ने उसे सपोर्ट किया. वहां उसे इलाज और नई स्किल्स सिखाई जा रही हैं. कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और लोग उसकी मदद कर रहे हैं. उसका लुक भी बदल गया है और अब वह पहले से बेहतर दिख रहा है. लेकिन चुनौतियां अभी भी हैं कुछ लोग उसे सिर्फ कंटेंट के लिए परेशान करते हैं.





